
घटना क्या है
6 दिसंबर 2025 की रात करीब 11:45 बजे, उत्तरी गोवा के अरपोरा (Birch by Romeo Lane) नामक नाइट क्लब में रात को पार्टी चल रही थी, तभी अचानक आग लग गई। प्रारंभिक अनुमान है कि आग का कारण क्लब के अंदर “इलेक्ट्रिक फायर क्रैकर” या आतिशबाजी था। आग इतनी तेज़ी से फैली कि कई लोग भागने से पहले ही फंस गए, और किचन एवं बेसमेंट में काम कर रहे लोग — जो भागने की कोशिश कर रहे थे — धुएँ में घुट कर दम तोड़ बैठे।
नुकसान — कितने मरे / घायल
इस आग-हादसे में कुल 25 लोगों की मौत हुई।
इनमें से अधिकांश मृतक क्लब के कर्मचारियों थे, जबकि कुछ पर्यटक भी थे।
मौतों के कारण: ज्यादातर की मौत दम घुटने (suffocation) से हुई, क्योंकि धुआं और संकरी गलियाँ, छोटे दरवाजे और रेस्क्यू/एग्जिट मार्ग की कमी ने भागने का रास्ता बंद कर दिया था। कुछ लोग जल भी गए थे — शुरुआत में बताया गया था कि 3-4 लोगों की मौत जलने से हुई। इसके साथ ही कई लोग घायल हुए थे और अस्पताल में भर्ती हुए थे।
कारण और सुरक्षा की चूकें
क्लब के पास फायर सेफ्टी के लिए आवश्यक NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। भवन संरचना, मार्ग, निकासी (exit) व्यवस्था ठीक नहीं थी — संकरी गलियाँ, छोटे दरवाजे, नाइट क्लब तक पहुंचने में दमकल वाहनों की मुश्किल। क्लब के अंदर अस्थायी और ज्वलनशील (जैसे ताड़ के पत्तों आदि) सजावट थी, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की। कथित तौर पर आतिशबाजी / फायर क्रैकर का इस्तेमाल हुआ था — जो कि बंद-कमरे/भीड़ वाले क्लब में एक खतरनाक भड़कन था।
कार्रवाई + जांच
घटना के बाद चार मैनेजरों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें पुलिस हिरासत (रिमांड) दिया गया। क्लब के मालिक (दोनों भाइयों) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है — हालांकि वे फरार बताए जा रहे हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री (Pramod Sawant) ने इस घटना को लेकर मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है।
गोवा के मुख्यमंत्री पमोद सावंत ने पञकारों को बतायािक तीन लोगों की जलने से मौत हई है, जबिक ज्यादा तर मौत दम घुटने से हुई है। असपताल में भतों
6 लोगों की हालत स्थिर है।
आधकािरयों ने बताया कि मरने वाले 20मज़दूर भारतीय राउयों झ़ारखंड, उतराखंड, महाराष्ट्र असम, उतर पदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के थ। एक मज़़दूर नेपाल का था।
पास के एक स्थान पर काम करने वाले एक शेफ ने पत्रकारों को बताया कि वह बिच कलब के कुछ कर्मचारियों को जानता है। उन्होंने कहा, “देश भर से और नेपाल से भी लोग गोवा के विभिन्न कलबों में काम करते हैं।”
“मै कलब मे अपने कुछ परिचितों लिए सचमुच
चिन्तित हू। उनके फोन बंद हैं।”
रविवार को आपातकालीन टीमें जले हुए मलबे की
तलाशी ले रही थी।
सावंत ने कहा कि आग लगने के कारणों की
जांच शुक कर दी गई है और घटना की पूरी रपोटं
एक सताह के भीतर जारी कर दी जाएगी।
डॉँ. सावंत ने कहा, “जिम्मेदार पाए जाने वालों के
खिलाफ कानून के तहत कडी कारवाई की जाएगी – किसी भी
लापरवाही से सखती से निपटा जाएगा।”
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीिडया पर एक
पोर में गोवा अग्नि कन्ड को “बेहद दुखद” बताया।
सरकारी आंकड़ो के अनुसार, वर्ष की पहली छमाही मे लगभग
5.5 मिलयन पर्यटक गोवा आये, जनमें से 270, 000 पर्यटक
विदेश से आये थे।
कछ विपक्षी राजनेताओ ने पत्रकारों को बताया कि ऐसी
त्रासदियों से बचने के लिए सख्त नियमो की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नए क्लब बहुत जल्दी-जल्दी खुल रहे हैं और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे लोगों क लिए सुरक्षित हो।
हाल के बर्षो भारत मे मनोरंजन स्थलों पर
आग लगने की अनेक घातक घटनाएं हई हैं।
मई में हैदराबाद में तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई थी, जबिक एक महीने पहले उत्तर-पूर्व कोलकाता मे एक होटल मे आग लगने से 15 लोग मारे गए थे।
पिछले साल, पश्चिम गुजरात के एक मनोरंजन पार्क के आर्केड आगंतुकों के अंदर फँस जाने से 24 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में एक अधिकारियों समीक्षा में पाया गया कि इस मौत का कारण खराब सुरक्षा मानक थे।
मतलब और सबक
यह त्रासदी दिखाती है कि कैसे मनोरंजन स्थलों (क्लब/पब) में सेफ्टी नियमों की अनदेखी — जैसे NOC न होना, बचने के रास्ते न होना, आपातकालीन निकास व्यवस्था न होना — एक साधारण मस्ती को भयावह हादसे में बदल सकती है।
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि राज्य सरकार, प्रशासन और स्थानीय स्तर पर नियामक सुरक्षा परिषदों को नियमित निरीक्षण, लाइसेंसिंग, और आकस्मिक त्वरित बचाव (emergency) व्यवस्था — खासकर उन जगहों पर जहाँ रात में लोग अधिक आते हैं — को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।