
उदाहरण 1- यदि उपभोक्ता प्रथम चरण की अवधि में पंजीकरण करता है और पंजीकरण के 30 दिवसो के अदर पूर्ण भुगतान कर देता हैं तो तो उसे 25% की छूट मिलेंगी । अगर 30 दिनों के बाद उपभोक्ता द्वितीय चरण में भुगतान करता है तो उसे 20% की छूट मिलेगी इसी प्रकार तृतीय चरण अवधि में भुगतान करने पर उपभोक्ता को 15% कीछट मिलेगी तृतीय चरण की अवधि की समाप्ति तक भुगतान न करने पर उपभोक्ता डिफाल्टर हो जाएगा डिफाल्टर होने पर उपभोक्ता को लाभ से वंचित कर दिया जाएगा था उसी किसी भी प्रकार का छूट नहीं दिया जाएगा और और पूरा पैसा उसे लिया जाएगा
उदाहरण 2-यदि उपभोक्ता द्वितीय चरण में पंजीकरण करता है और 30 दिनों के भीतर पूर्ण भुगतान कर देता है तो उसे 20% की छूट मिलेगी अगर उपभोक्ता 30 दिनों के बाद भुगतान करता है तो उसे 15% की छूट मिलेंगी। तृतीय चरण की अवधि की समाप्ति तक भुगतान न करने पर उपभोक्ता डिफॉल्टर हो जाएगा। डिफॉल्टर होने ने पर उपभोक्ता को लाभ से संचित कर दिया जाएगा। किसी भी प्रकार का छूट नहीं दिया जाएगा तथा पूरा पैसा लया जाएगा।
उदाहरण 3-यदि उपभोक्ता तृतीय चरण में पंजीकरण करता है और 30 दिनों के भीतर भुगतान कर देता है तो उसे 15% की छूट मिलेगी पंजीकरण कारण तिथि के अदंर भुगतान न करने पर उपभोक्ता को डिफाल्टर कर दिया जाएगा तथा लाभ सेवचित कर दिया इसकसी भी प्रकार का छूट नहीं मिलेगी और पूरा पैसे लिए जाएंगे।
विकल्प 2- रुपए 750 मसिक क़िस्त तथा मासिक बिल के नियमित भुगतान हेतु पंजीकरण कराने पर :-
उपभोक्ता को प्रथम द्वितीय तृतीय की अवध में पंजीकरण कराने पर ब्याज में 100% की छूट मिलेगी। विद्युत बिल की मूल बकाया में से 10% की छूट मिलेगी।
पंजीकरण उपभोक्ता को विद्युत बिल के साथ-साथ 750 हर महीने जमा करना होगा जो कि विद्युत बिल+750किस्त रहेगा।
विकल्प 3- रुपए 500 मासिक किस्त तथा मासिक बिल के नियमित भुगतान हेतु पंजीकरण कराने पर:-
उपभोक्ता को प्रथम द्वितीय तृतीय अवधि में पंजीकरण कराने पर ब्याज में 100% की छूट मिलेगी। विद्युत बिल की मूल में से 5% की छूट मिलेगी।
पंजीकरण उपभोक्ता को विद्युत बिल के साथ -साथ 500हर महीने जमा करने होंगे जो इस प्रकार है बिजली बिल+500किस्त रहेगा।
योजना में छूट प्राप्त करने की प्रक्रिया :-
क)योजना के अंतर्गत छूट का लाभ लेने पात्र उपभोक्ता द्वारा पंजीकरण कराया जाएगा।
ख) विभागीय खंड उपखंड अथवा कैश काउंटर UPPCL CONSUMER APP , जन सेवा केंद्र, एवं मीटर रीडर के माध्यम से उपभोक्ता पंजीकरण कर सकते हैं।
ग) पंजीकरण कराते समय उपभोक्ता को अपना मोबाईल नंबर देना अनिवार्य है। ओ टी पी वेरिफिकेशन के बाद ही पजीकरण कराया जाएगा। जिससे भविष्य में आवश्यकता होने पर उपभोक्ता से संपर्कसकेया जा सके।
