Site icon pancilpress.com

बिजली बिल नहीं भरा तो होगी बत्ती गुल, मीटर से ही कट जाएगा कनेक्शन; यूपी में नई व्यवस्था लागू


बिजली बिल नही भरा तो हो जाएगा तो होगी बत्ती गुल, मीटर से ही कट जाएगा कनेक्शन यूपी में नई व्यवस्था लागू जाने।

उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग ने एक नई व्यवस्था लागू की है जिसके तहत बिल न भरने पर उपभोक्ताओं का कनेक्शन सीधे मीटर से काट दिया जाएगा। UPPCL ने बिजली चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था स्मार्ट मीटर के माध्यम से लागू की जाएगी। बकाया वसूलने के लिए अभी तक लाइनमैन को इधर से उधर भटकते हुए उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने पड़ते थे ।बकायेदारी बढ़ती है तो समस्या ज्यादा होती है। अब बकायेदार बिना बिजली भुगतान के बिजली का उपयोग नहीं कर पाएंगे।पारदर्शी व गुणवत्तापरक बिजली खर्च व समय पर भुगतान करने की व्यवस्था आपके घर पर लगे स्मार्ट मीटर में दी गई है। बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने लाइनमैन नहीं जाएंगे खुद से बत्ती गुल हो जाएगी।दिसंबर 2023 से जीनस कंपनी ने जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया। उत्तर प्रदेश मे अभी तक लगभग 62 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं। नवंबर 2025 तक।3 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं के घरों प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम मार्च 2026 तक पूरा होना है।काम पूरा होने के बाद मीटर में रिचार्ज सिस्टम लागू होना भी संभव है, जितने का रिचार्ज कराएंगे, उतनी ही बिजली खर्च कर पाएंगे। बकायेदारों की कोई भी जुगाड़ काम नहीं आएगी। बड़े बकायेदारों के घरों की बिजली कभी भी गुल हो सकती है। अभी जो भी स्मार्ट मीटर लगे हैं, जो बकायादार है, अगर उन्होंने बिजली का बिल जमा नहीं किया तो ऑनलाइन कंप्यूटर से ही कनेक्शन काट दिया जाएगा। वह बिजली का उपयोग नहीं कर पाएंगे।अधिशासी अभियंता मीटर सं ने बताया कि अब नए कनेक्शन पर भी स्मार्ट मीटर ही लगाया जाएगा।स्मार्ट मीटर से बकायेदार बिजली का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

बिजली विभाग के अनुसार:-जिनका भी बिजली का बिल 5000 या उससे अधिक बकाया है उनका बिजली का बिल स्वत ही कट जा रहा है। मीटर में तो लाइट है पर उनके घर में लाइट नहीं जा रही है जिससे उनको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है। जब तक वह पुरा जमा नहीं करेंगे तब तक उनके घर में बिजली नहीं जएगी। पूरा जमा करने के बाद ही बिजली जाएगी।

स्थापित संख्या: लगभग 62 लाख से ज़्यादा स्मार्ट मीटर (नवंबर 2025 तक).

लक्ष्य: 3 करोड़ से ज़्यादा स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य.

प्रगति: बिजली विभाग तेज़ी से काम कर रहा है, और नए कनेक्शन पर अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं.

समस्या: लगभग 57,000 स्मार्ट मीटर नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं, जिससे बिलिंग और रिमोट कंट्रोल में दिक्कत आ रही है (दिसंबर 2025 तक).

फायदे: बिलिंग में पारदर्शिता, बिजली चोरी पर रोक और आधुनिक सुविधाएँ मिल रही हैं, लेकिन तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं.

 

Exit mobile version